प्लांटिका पर्वतीय केंद्र, उत्तरकाशी द्वारा दो दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन – 20 एवं 21 जनवरी 2026

उत्तरकाशी, 21 जनवरी 2026:
प्लांटिका पर्वतीय केंद्र, उत्तरकाशी द्वारा 20 एवं 21 जनवरी 2026 को दो दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में श्रीमती मंजिरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी तथा ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उत्तरकाशी के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, कम लागत में उच्च उत्पादन की विधियों तथा स्वरोजगार के अवसरों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों, बीज (स्पॉन) तैयारी, कम्पोस्ट निर्माण, बुवाई, देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को व्यावहारिक रूप से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया गया, जिससे वे अपने स्तर पर भी मशरूम उत्पादन आरंभ कर सकें। किसानों एवं छात्रों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर युवाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

ELP with Student Exchange Program कार्यक्रम 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ

देहरादून। PLANTICA–इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट (IARD), देहरादून में 16 जनवरी 2026 से तीन माह का अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning Program–ELP) सह हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। इस छात्र विनिमय कार्यक्रम में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून तथा स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, ऋषिकेश के विद्यार्थियों ने भाग लिया है।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, जैविक खेती, उद्यमिता, प्राकृतिक उत्पादों के विकास, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, नर्सरी प्रबंधन, मृदा परीक्षण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन जैसे विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल आधारित ज्ञान अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें।

इस अवसर पर PLANTICA-IARD के निदेशक डॉ. अनूप बडोनी ने कहा कि अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक एवं उद्यमिता उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में सफल कृषि-उद्यमी बन सकें। उन्होंने बताया कि यह तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक खेत एवं प्रयोगशाला परिस्थितियों में सीखने का अवसर देगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न फील्ड विजिट, प्रायोगिक सत्र, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग एवं विपणन गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें कृषि एवं ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त हो सके।

इस छात्र विनिमय एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम से विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, नवाचार क्षमता तथा स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्रों ने PLANTICA-IARD में एक माह का इंटर्नशिप एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण किया- देहरादून, जनवरी 2026

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्रों ने PLANTICA-Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून में आयोजित एक माह के इंटर्नशिप-कम-हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को मृदा परीक्षण (Soil Testing), मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation), एग्रोनॉमी (Agronomy) सहित विभिन्न कृषि विषयों पर प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों ने प्रयोगशाला में मृदा के विभिन्न पोषक तत्वों का विश्लेषण करना, खेत स्तर पर फसल प्रबंधन की तकनीकें सीखना तथा मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझा।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों का एक शैक्षणिक भ्रमण PLANTICA-IARD हिल सेंटर, उत्तरकाशी भी कराया गया, जहां उन्हें पर्वतीय कृषि (Hill Agriculture) की पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस भ्रमण के दौरान छात्रों ने स्थानीय फसलों, जैविक खेती, पारंपरिक कृषि प्रणालियों तथा पहाड़ी क्षेत्रों की कृषि चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें एग्री-उद्यमिता की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

PLANTICA-IARD द्वारा भविष्य में भी ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, जिससे युवा पीढ़ी को कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकें।