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वर्मी कम्पोस्टिंग एवं फल-फूल जैव-अवशेषों के सतत उपयोग पर चार दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन – देहरादून, 03 सितंबर 2026

कचरे से संसाधन एवं आय सृजन की दिशा में विद्यार्थियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

देहरादून, 03 सितंबर 2026।
कृषि अपशिष्टों एवं जैविक अवशेषों के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा अपशिष्ट से संसाधन एवं आय सृजन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्लांटिका, देहरादून द्वारा EIACP Hub–उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (उत्तराखंड सरकार), देहरादून के प्रायोजन में चार दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला के अंतर्गत 31 अगस्त एवं 01 सितंबर 2026 को “Vermicomposting” तथा 02 एवं 03 सितंबर 2026 को “Sustainable Utilization of Fruit and Flower Biomass” विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस चार दिवसीय कार्यशाला में HEC हरिद्वार, SGRR University देहरादून, Banda University of Agriculture and Technology (BUAT), बांदा, Geeta University, पानीपत तथा Graphic Era University, देहरादून से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, फल एवं पुष्प अवशेषों के मूल्यवर्धन तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।

कार्यशाला के प्रथम दो दिनों में विद्यार्थियों को वर्मी कम्पोस्टिंग तकनीक के विभिन्न वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान जैविक कचरे एवं कृषि अवशेषों के उचित प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्टिंग यूनिट की स्थापना, उपयुक्त जैविक सामग्री का चयन, बेड तैयार करने की विधि, नमी एवं तापमान प्रबंधन, केंचुओं की उपयुक्त प्रजातियों एवं उनके पालन-पोषण, जैविक अवशेषों के विघटन तथा गुणवत्तापूर्ण वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से वर्मी कम्पोस्टिंग यूनिट की स्थापना एवं प्रबंधन की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान तैयार वर्मी कम्पोस्ट की गुणवत्ता, परिपक्वता की पहचान, संग्रहण एवं पैकेजिंग तथा कृषि एवं बागवानी में इसके उपयोग पर भी चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि वर्मी कम्पोस्टिंग घरेलू जैविक कचरे, कृषि अवशेषों तथा अन्य जैव-अवक्रमणीय पदार्थों के वैज्ञानिक प्रबंधन का एक प्रभावी एवं पर्यावरण-अनुकूल माध्यम है। इसके माध्यम से न केवल कचरे की समस्या को कम किया जा सकता है, बल्कि किसानों, युवाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिए कम लागत पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।

कार्यशाला के तीसरे एवं चौथे दिन “Sustainable Utilization of Fruit and Flower Biomass” विषय पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को फल एवं फूलों से उत्पन्न होने वाले जैव-अवशेषों को कचरे के रूप में फेंकने के बजाय उनका वैज्ञानिक एवं रचनात्मक उपयोग करने की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण में फल एवं पुष्प अवशेषों का संग्रहण, पृथक्करण, प्राथमिक प्रसंस्करण, सुखाने, संरक्षण तथा मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि मंदिरों, फूल मंडियों, फल प्रसंस्करण इकाइयों, होटल एवं घरेलू गतिविधियों से निकलने वाले जैविक अवशेषों का उचित प्रबंधन कर उन्हें उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है।

प्रशिक्षण का विशेष जोर “Waste to Wealth” की अवधारणा पर रहा, जिसके अंतर्गत जैविक अपशिष्ट को पर्यावरणीय समस्या के बजाय आर्थिक अवसर के रूप में देखने की सोच विकसित करने पर बल दिया गया।

विद्यार्थियों को विशेष रूप से Circular Economy, Sustainable Agriculture, Waste Management, Entrepreneurship और Green Skills की अवधारणाओं से जोड़ा गया। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें यह संदेश दिया गया कि कृषि एवं जैविक अवशेषों को समस्या के रूप में देखने के बजाय वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उन्हें उपयोगी संसाधनों में बदला जा सकता है।

कार्यशाला का आयोजन प्लांटिका, देहरादून की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम की Organizing Secretaries के रूप में सुश्री वंदना पेटवाल, Assistant Scientist एवं Centre Head, प्लांटिका तथा डॉ. पल्लवी चौहान, Senior Scientist, प्लांटिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यशाला के Co-Organizing Secretaries के रूप में सुश्री अंजलि शर्मा, Technical Associate, प्लांटिका तथा श्री सूरज जोशी, Technical Associate, प्लांटिका ने प्रशिक्षण की विभिन्न व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों के समन्वय एवं तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

पूरे कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अनूप बडोनी, Senior Scientist एवं Director, प्लांटिका के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया गया। उन्होंने कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में सतत कृषि, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा अपशिष्ट से संपदा निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

PLANTICA द्वारा आयोजित यह कार्यशाला पर्यावरण संरक्षण, कृषि अपशिष्ट प्रबंधन, कौशल विकास एवं उद्यमिता को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर प्रदान किया कि आधुनिक कृषि एवं पर्यावरण प्रबंधन में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पादन प्रक्रिया से उत्पन्न अवशेषों का वैज्ञानिक, आर्थिक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन भी आवश्यक है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन से यह संदेश सामने आया कि “Waste to Wealth” तथा “Sustainable Utilization of Biomass” जैसी अवधारणाओं को उच्च शिक्षा, कृषि प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

चार दिवसीय कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के अनुभव साझा करने, प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को अपने संस्थानों एवं समुदायों तक पहुंचाने तथा भविष्य में सतत कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ।

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्लांटिका में शुरू किया एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (AIA) प्रशिक्षण – देहरादून, 27 अगस्त 2026

READY कार्यक्रम के अंतर्गत Hogar India Agro एवं PLANTICA-IARD के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहा है प्रशिक्षण

देहरादून, 27 अगस्त 2026।
बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Banda University of Agriculture and Technology), बांदा, उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों ने कृषि शिक्षा को व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से Agro Industrial Attachment (AIA) Training Programme में सहभागिता की। यह प्रशिक्षण 27 अगस्त 2026 से PLANTICA–Indian Academy of Rural Development (PLANTICA-IARD), देहरादून में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन Hogar India Agro, जो भारत सरकार के Ministry of Corporate Affairs के अंतर्गत पंजीकृत संस्था है, द्वारा PLANTICA-IARD, देहरादून के सहयोग से READY (Rural Entrepreneurship Awareness Development Yojana) Programme के अंतर्गत किया जा रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि के विद्यार्थियों को कक्षा एवं प्रयोगशाला आधारित सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ कृषि उद्योग, कृषि उद्यमिता, उत्पादन तकनीक, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, विपणन तथा ग्रामीण कृषि व्यवसाय की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। AIA प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों, कृषि आधारित उद्यमों एवं तकनीकी गतिविधियों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए वंदना पेटवाल, Assistant Scientist एवं Centre Head, PLANTICA ने कहा कि Agro Industrial Attachment विद्यार्थियों के लिए कृषि शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता एवं व्यावहारिक कौशल से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने, प्रश्न पूछने तथा विभिन्न तकनीकी गतिविधियों को व्यवहारिक रूप से समझने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के Co-Coordinator श्री सूरज जोशी, Technical Associate, PLANTICA ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों एवं उद्यमिता की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए केवल पारंपरिक कृषि ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें कृषि-आधारित उद्योगों एवं व्यवसायों की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव भी आवश्यक है।

कार्यक्रम की Co-Coordinator सुश्री अंजलि शर्मा, Technical Associate, PLANTICA ने भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, नियमित सहभागिता तथा व्यावहारिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी एवं औद्योगिक गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा, जिससे वे कृषि क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

इस अवसर पर PLANTICA के Senior Scientist एवं Director डॉ. अनूप बडोनी ने विद्यार्थियों से विशेष संवाद किया और कृषि क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए Agri-Business, Agri-Entrepreneurship, Food Processing, Value Addition, Seed Technology, Soil & Plant Testing, Protected Cultivation तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. बडोनी ने कहा कि आज कृषि क्षेत्र तेजी से तकनीक, उद्योग एवं उद्यमिता से जुड़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग की आवश्यकताओं, व्यावहारिक कौशल एवं व्यवसाय प्रबंधन की समझ विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि Agro Industrial Attachment Programme विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा और वास्तविक कृषि उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु प्रदान करता है।

Hogar India Agro एवं PLANTICA-IARD के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह Agro Industrial Attachment Programme कृषि विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग एवं उद्यमिता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में कृषि क्षेत्र में नए विचारों, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा वे भविष्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सफल करियर एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए अधिक सक्षम बनेंगे।

कार्यक्रम के सफल संचालन में वंदना पेटवाल (Programme Coordinator), श्री सूरज जोशी (Co-Coordinator) एवं सुश्री अंजलि शर्मा (Co-Coordinator) सहित PLANTICA की तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गीता विश्वविद्यालय, पानीपत के विद्यार्थियों ने प्लांटिका में शुरू किया यूनिट अटैचमेंट प्रशिक्षण – देहरादून, 17 अगस्त 2026

READY कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसंधान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़ेंगे विद्यार्थी

देहरादून, 17 अगस्त 2026।
कृषि शिक्षा को व्यावहारिक एवं अनुसंधानपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत गीता विश्वविद्यालय, पानीपत के विद्यार्थियों ने प्लांटिका, देहरादून में READY (Rural and Entrepreneurship Awareness Development Yojana) कार्यक्रम के अंतर्गत Unit Attachment (Attachment with Research Centre) Training Programme में सहभागिता प्रारंभ की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि अनुसंधान, प्रयोगशाला कार्य, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

17 अगस्त 2026 को PLANTICA में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं अनुसंधान केन्द्र में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि यूनिट अटैचमेंट प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक प्रयोगशाला एवं अनुसंधान गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि वे कृषि क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ-साथ भविष्य में अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान वंदना पेटवाल, Assistant Scientist एवं Centre Head, प्लांटिका ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यूनिट अटैचमेंट के दौरान विद्यार्थियों को अनुसंधान केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों, प्रयोगशाला तकनीकों, नमूना परीक्षण, प्रयोगात्मक कार्य, डेटा संकलन एवं विश्लेषण तथा कृषि से संबंधित विभिन्न शोध गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने तथा प्रत्येक गतिविधि को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की Co-Coordinator अंजली शर्मा, Technical Associate, प्लांटिका ने विद्यार्थियों को प्रयोगशाला एवं अनुसंधान कार्यों की प्रारंभिक जानकारी दी तथा प्रशिक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया। वहीं श्री सूरज जोशी, Technical Associate, प्लांटिका ने विद्यार्थियों को तकनीकी गतिविधियों एवं प्रायोगिक कार्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। दोनों समन्वयकों ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण में मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर डॉ. अनूप बडोनी, Senior Scientist एवं Director, प्लांटिका भी उपस्थित रहे। उन्होंने गीता विश्वविद्यालय से आए विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके शैक्षणिक एवं शोध संबंधी रुचियों के बारे में जानकारी ली। डॉ. बडोनी ने विद्यार्थियों के साथ कृषि अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रयोगशाला आधारित अनुसंधान तथा कृषि क्षेत्र में उभरते रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा की।

डॉ. बडोनी ने कहा कि कृषि शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को अनुसंधान केन्द्रों, प्रयोगशालाओं और वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, प्रयोगात्मक कार्यों में रुचि लेने तथा अपने प्रशिक्षण के दौरान छोटे-छोटे शोध एवं नवाचार आधारित कार्यों को सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के Unit Attachment कार्यक्रम विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता, अनुसंधान अभिरुचि और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्लांटिका द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को अनुसंधान केन्द्र की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने के साथ-साथ Seed Science, Seed Testing, Seed Treatment, Priming, Pelleting, Soil and Plant Analysis तथा अन्य कृषि अनुसंधान एवं तकनीकी गतिविधियों से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान किए जाने की योजना है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्रयोगशाला उपकरणों के उपयोग, वैज्ञानिक प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड एवं डेटा प्रबंधन तथा शोध कार्यों की मूलभूत अवधारणाओं से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्लांटिका की अनुसंधान एवं प्रशिक्षण सुविधाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा विभिन्न तकनीकी गतिविधियों के संबंध में प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण उन्हें अपने विषय को व्यावहारिक रूप से समझने तथा भविष्य में उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि क्षेत्र में करियर बनाने में उपयोगी साबित होगा।

PLANTICA–IARD, Dehradun द्वारा READY कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित Unit Attachment Training का उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों को “Learn by Doing” की अवधारणा के माध्यम से वास्तविक अनुसंधान एवं तकनीकी वातावरण उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक कौशल एवं व्यावसायिक दक्षता विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।

कार्यक्रम के सफल संचालन में वंदना पेटवाल, अंजली शर्मा एवं श्री सूरज जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्लांटिका की टीम ने गीता विश्वविद्यालय, पानीपत के विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की कामना करते हुए प्रशिक्षण के सफल एवं उपयोगी अनुभव के लिए शुभकामनाएं दीं।

कक्षा से कृषि उद्योग तक: एसजीआरआर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के द्वितीय बैच का प्लांटिका में AIA प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू – देहरादून, 10 अगस्त 2026

देहरादून, 10 अगस्त 2026।
कृषि शिक्षा को व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से होगर इंडिया एग्रो एवं प्लांटिका के संयुक्त तत्वावधान में एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (Agro Industrial Attachment–AIA) कार्यक्रम के द्वितीय बैच का शुभारम्भ 10 अगस्त 2026 को देहरादून में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसजीआरआर विश्वविद्यालय, देहरादून के कृषि क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक एवं उद्यमिता के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई। PLANTICA के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कृषि उत्पादन से लेकर मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता नियंत्रण, कृषि-आधारित व्यवसाय तथा अनुसंधान एवं विकास की विभिन्न प्रक्रियाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम की Program Coordinator एवं PLANTICA की Assistant Scientist तथा Centre Head, सुश्री वंदना पेटवाल ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए AIA प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थियों को कृषि उद्योग एवं अनुसंधान संस्थानों के वास्तविक कार्य वातावरण का अनुभव प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने, प्रश्न पूछने तथा प्रत्येक व्यावहारिक गतिविधि से सीखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की Co-Coordinator सुश्री अंजली शर्मा, Technical Associate, PLANTICA तथा श्री सूरज जोशी, Technical Associate, PLANTICA ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि AIA कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र की विभिन्न तकनीकों, औद्योगिक प्रक्रियाओं, प्रयोगशाला आधारित कार्यों, गुणवत्ता परीक्षण तथा कृषि उद्यम से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर PLANTICA की Senior Scientist डॉ. पल्लवी चौहान ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कृषि में अनुसंधान एवं नवाचार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्या आधारित सोच विकसित करने तथा कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

PLANTICA के Senior Scientist डॉ. अरविंद नैनवाल ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि Agro Industrial Attachment विद्यार्थियों को कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर देता है। इससे विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यावसायिक दृष्टिकोण, टीमवर्क, अनुशासन एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है।

AIA प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल एसजीआरआर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण को लेकर उत्साह व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि PLANTICA जैसे अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने से उन्हें कृषि क्षेत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने और अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में PLANTICA की प्रशिक्षण टीम ने विद्यार्थियों को आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों में अनुशासन, सक्रिय सहभागिता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

PLANTICA का यह AIA प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि शिक्षा में Experiential Learning, Skill Development और Industry-Academia Interface को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विद्यार्थियों को भविष्य के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि उद्यमी एवं पेशेवर के रूप में तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रमुख अतिथि/उपस्थित विशेषज्ञ:

  • डॉ. पल्लवी चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक, PLANTICA
  • डॉ. अरविंद नैणवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, PLANTICA
  • सुश्री वंदना पेटवाल, सहायक वैज्ञानिक एवं सेंटर हेड, PLANTICA – कार्यक्रम समन्वयक
  • सुश्री अंजलि शर्मा, तकनीकी सहयोगी, PLANTICA – सह-समन्वयक
  • श्री सूरज जोशी, तकनीकी सहयोगी, PLANTICA – सह-समन्वयक
  • एसजीआरआर विश्वविद्यालय, देहरादून के विद्यार्थी – AIA द्वितीय बैच के प्रतिभागी

— जारीकर्ता: PLANTICA, देहरादून

प्लांटिका द्वारा “रिमोट सेंसिंग एवं कृषि में इसका महत्व” विषय पर कार्यशाला का आयोजन, देहरादून, 07 अगस्त 2026

देहरादून, 07 अगस्त 2026।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग, फसल निगरानी, प्राकृतिक संसाधनों के आकलन तथा वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PLANTICA, देहरादून द्वारा शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 को “Remote Sensing and its Importance in Agriculture” (रिमोट सेंसिंग एवं कृषि में इसका महत्व) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता Prof. (Dr.) Ganesh Dutt Bhatt, TMU, Moradabad (ICAR Accredited) ने रिमोट सेंसिंग की मूल अवधारणा, कृषि क्षेत्र में इसके उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कृषि को अधिक सटीक, वैज्ञानिक, संसाधन-कुशल और जलवायु-स्मार्ट बनाने में रिमोट सेंसिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उपग्रह आधारित तकनीकों एवं विभिन्न प्रकार के सेंसरों की सहायता से बड़े कृषि क्षेत्रों की निगरानी कम समय में की जा सकती है तथा फसलों की स्थिति, भूमि उपयोग, मृदा एवं जल संसाधनों और पर्यावरणीय परिस्थितियों का प्रभावी आकलन संभव है।

प्रो. भट्ट ने अपने व्याख्यान में Satellite Imagery, GIS, Crop Monitoring, Vegetation Indices, NDVI, Soil and Water Resource Assessment, Crop Health Monitoring तथा Precision Agriculture जैसे विषयों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से फसल की वृद्धि एवं स्वास्थ्य की निगरानी, सूखे एवं जलभराव की पहचान, फसल क्षेत्र का आकलन, कीट एवं रोग प्रभावित क्षेत्रों की पहचान तथा कृषि उत्पादन से संबंधित बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

कार्यशाला के Patron Prof. (Dr.) Anoop Badoni ने कहा कि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रिमोट सेंसिंग केवल उपग्रह चित्रों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि नियोजन, फसल प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और कृषि अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण बन चुका है। उन्होंने PLANTICA द्वारा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए आयोजित की जा रही ऐसी कार्यशालाओं को उपयोगी एवं भविष्य उन्मुख पहल बताया।

कार्यशाला की Program Coordinator Vandana Petwal, Assistant Scientist एवं Centre Head, PLANTICA ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे रिमोट सेंसिंग एवं डिजिटल कृषि तकनीकों का उपयोग अपने अध्ययन, शोध एवं भविष्य के व्यावसायिक कार्यों में करें।

कार्यशाला के Co-Coordinators Anjali Sharma, Technical Associate, PLANTICA तथा Mr. Suraj Joshi, Technical Associate, PLANTICA ने कार्यक्रम के तकनीकी एवं समन्वय संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए कार्यशाला की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया तथा विषय से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा में सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर Dr. Pallavi Chauhan, Senior Scientist, PLANTICA एवं Dr. Arvind Nainwal, Senior Scientist, PLANTICA भी उपस्थित रहे। दोनों वैज्ञानिकों ने विशेषज्ञ वक्ता के साथ कृषि में रिमोट सेंसिंग की उपयोगिता, शोध की संभावनाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि कृषि में रिमोट सेंसिंग, GIS, ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का एकीकृत उपयोग आने वाले समय में कृषि अनुसंधान एवं उत्पादन प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है।

कार्यशाला में Noida International University, GB Pant University of Agriculture and Technology (GBPUAT), Pantnagar, Amity University, Haridwar University, SGRR University, HIT College, UCST College सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त विभिन्न अन्य शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला में भाग लेकर विषय विशेषज्ञ से जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने रिमोट सेंसिंग के कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक उपयोग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने Precision Agriculture, Crop Health Assessment, Satellite Data Analysis, GIS Applications, Agricultural Mapping तथा Climate-Smart Agriculture जैसे विषयों में विशेष रुचि दिखाई।

PLANTICA, Dehradun द्वारा आयोजित यह कार्यशाला कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।

होगर इंडिया एग्रो एवं प्लांटिका के संयुक्त तत्वावधान में एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (AIA) प्रथम बैच का शुभारम्भ – देहरादून, 27 जुलाई 2026

देहरादून, 27 जुलाई 2026।

कृषि शिक्षा को उद्योगों से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से होगर इंडिया एग्रो के सहयोग तथा प्लांटिका (PLANTICA), देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (Agro Industrial Attachment – AIA) के प्रथम बैच का शुभारम्भ आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एस.जी.आर.आर. विश्वविद्यालय (SGRR University), देहरादून के आईसीएआर (ICAR) मान्यता प्राप्त कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि उद्योगों की कार्यप्रणाली, आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि उद्यमिता, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रणाली, प्रसंस्करण, विपणन एवं अनुसंधान गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में एक कुशल कृषि विशेषज्ञ एवं सफल कृषि उद्यमी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनूप बड़ोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में कृषि शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर उद्योगों एवं अनुसंधान संस्थानों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (AIA) जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों से परिचित कराते हैं तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक दक्षताओं से सशक्त बनाते हैं। उन्होंने आयोजक संस्थाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कृषि शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम की प्रोग्राम हेड सुश्री वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, प्लांटिका ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि उद्योगों की उत्पादन प्रणाली, बीज एवं पौध सामग्री प्रबंधन, कृषि इनपुट, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, प्रयोगशाला तकनीकों, गुणवत्ता परीक्षण, कृषि प्रसंस्करण, उद्यमिता विकास तथा कृषि व्यवसाय प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को उद्योग भ्रमण एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से व्यवहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम के समन्वयक (Program Coordinators) सुश्री अंजलि शर्मा, तकनीकी सहयोगी, प्लांटिका तथा श्री सूरज जोशी, तकनीकी सहयोगी, प्लांटिका ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास, उद्योग से जुड़ाव तथा करियर निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

आयोजकों ने बताया कि प्रथम बैच में विद्यार्थियों की उत्साहजनक सहभागिता को देखते हुए द्वितीय बैच का शुभारम्भ 01 अगस्त 2026 से किया जाएगा। इच्छुक कृषि एवं संबद्ध विषयों के विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने, उद्योग–अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

प्लांटिका, देहरादून में READY Program–2026 के प्रथम बैच का शुभारंभ- देहरादून, 16 जुलाई 2026

देहरादून, 16 जुलाई 2026। कृषि शिक्षा को व्यवहारिक, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा READY (Rural Agricultural Work Experience – RAWE, Agro Industrial Attachment – AIA, Plant Clinic एवं Unit Attachment) Program–2026 के प्रथम बैच का शुभारंभ 16 जुलाई, 2026 से सफलतापूर्वक किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुभव तथा कृषि उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में Noida International University, Greater Noida, राजकीय महाविद्यालय, रुद्रप्रयाग, Himalayan Institute of Technology (HIT), देहरादून, Uttaranchal College of Science and Technology (UCST), देहरादून तथा Doon Group of Institutions, ऋषिकेश के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप प्रदान किया है।

READY Program का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें कृषि क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों, नवीन तकनीकों, अनुसंधान पद्धतियों, कृषि उद्यमिता तथा उद्योगों के कार्यकलापों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE), एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (AIA), प्लांट क्लिनिक, अनुसंधान एवं उत्पादन इकाइयों का प्रशिक्षण, पौध रोग एवं कीट निदान, मृदा एवं जल परीक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, पौध संरक्षण, बीज उत्पादन, कृषि व्यवसाय प्रबंधन, प्रयोगशाला तकनीकों तथा आधुनिक कृषि उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को कृषि आधारित स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता विकास के विभिन्न आयामों से भी अवगत कराया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनुप बड़ोनी, अध्यक्ष, PLANTICA Foundation एवं डीन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में कृषि शिक्षा को कौशल आधारित बनाना अत्यंत आवश्यक है। READY Program विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, दक्ष एवं रोजगारोन्मुख कृषि पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार तथा कृषि उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ना है।

कार्यक्रम की प्रमुख (Program Head) सुश्री वंदना पेटवाल, साइंटिफिक ऑफिसर, PLANTICA हैं। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक कृषि तकनीकों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि उद्योगों, प्लांट हेल्थ क्लिनिक तथा विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी एवं सफल कृषि विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक (Program Coordinators) सुश्री अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA, डॉ. अरविन्द नैणवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पशुपालन) तथा डॉ. पल्लवी चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि, बागवानी, पशुपालन, मृदा विज्ञान, पौध संरक्षण, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, उद्यमिता विकास एवं अनुसंधान पद्धतियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

PLANTICA प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों एवं संस्थानों से प्राप्त व्यापक उत्साह एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए READY Program–2026 के द्वितीय बैच का शुभारंभ 01 अगस्त, 2026 से किया जाएगा। इच्छुक महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय अपने अंतिम वर्ष के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि विद्यार्थियों का पंजीकरण निर्धारित समय से पूर्व कर सकते हैं।

PLANTICA द्वारा संचालित READY Program कृषि शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान एवं ग्रामीण विकास से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में व्यावसायिक दक्षता, तकनीकी कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं कृषि उद्यमिता का विकास कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

प्लांटिका, देहरादून में समर इंटर्नशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम के तृतीय बैच का शुभारंभ, देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण में प्रवेश, अगला बैच 20 जुलाई 2026 से होगा प्रारंभ- देहरादून, 01 जुलाई 2026

देहरादून, 01 जुलाई 2026। कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने वाली अग्रणी संस्था PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), Dehradun द्वारा आयोजित Summer Internship Training Program – 2026 के तृतीय बैच का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 से सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस बैच में Assam University, Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology (GBPUAT), Pantnagar, Graphic Era University, Dehradun तथा Haridwar University, Roorkee के विद्यार्थियों ने नामांकन कर प्रशिक्षण प्रारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, उद्यानिकी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैविक खेती, मृदा एवं जल परीक्षण, अनुसंधान पद्धति, कृषि उद्यमिता तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी, चेयरमैन, PLANTICA एवं डीन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग एवं अनुसंधान आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार एवं उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, साइंटिफिक ऑफिसर, PLANTICA ने बताया कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण पूर्णतः हैंड्स-ऑन एवं स्किल आधारित है, जिसमें प्रतिभागियों को प्रयोगशाला कार्य, फील्ड विजिट, मृदा एवं जल विश्लेषण, पौध स्वास्थ्य प्रबंधन, जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशक उत्पादन, मशरूम उत्पादन, जैविक खेती, कृषि अनुसंधान तकनीकों तथा वैज्ञानिक लेखन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretaries) अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA तथा डॉ. अरविंद नैणवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पशुपालन) ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कृषि एवं पशुपालन के समन्वित मॉडल, आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों तथा ग्रामीण कृषि विकास की नवीन अवधारणाओं से भी परिचित कराया जाएगा।

संस्थान द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप कार्यक्रम को देशभर के कृषि एवं विज्ञान के विद्यार्थियों से लगातार उत्कृष्ट प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। इससे पूर्व आयोजित दोनों बैचों में विभिन्न राज्यों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की।

PLANTICA प्रशासन ने जानकारी दी कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला (चतुर्थ) बैच 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीकरण कर इस कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

PLANTICA द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में व्यावहारिक दक्षता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है तथा देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच निरंतर लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है।

प्लांटिका, देहरादून में समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रथम बैच) का सफल समापन- देहरादून, 30 जून, 2026

देहरादून, 30 जून, 2026।
PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा आयोजित एक माह का समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रथम बैच) दिनांक 01 जून से 30 जून, 2026 तक सफलतापूर्वक संचालित किया गया। कार्यक्रम का समापन 30 जून, 2026 को प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी विद्यार्थियों में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला (Punjab University, Patiala), शूलिनी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश (Shoolini University, Himachal Pradesh), देवभूमि उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून (DBUU, Dehradun) तथा श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून (SGRRU, Dehradun) के छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान पद्धतियों तथा कौशल विकास से जोड़ना था, जिससे वे अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव के साथ समृद्ध कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण, पौध स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, पौध संरक्षण, कृषि उद्यमिता, कृषि अनुसंधान की आधुनिक तकनीकों, प्रयोगशाला विश्लेषण, वैज्ञानिक लेखन, फील्ड विजिट तथा कृषि आधारित नवाचारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनुप बडोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग एवं अनुसंधान की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कृषि, अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सक्षम बनाना है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का समाज और कृषि क्षेत्र के विकास में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, सेंटर हेड, PLANTICA ने बताया कि पूरे प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की। प्रशिक्षण को इस प्रकार तैयार किया गया था कि प्रतिभागियों को प्रयोगशाला एवं फील्ड दोनों स्तरों पर सीखने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी PLANTICA विद्यार्थियों के लिए ऐसे रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretary) अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को नवीन कृषि तकनीकों, प्रयोगशाला उपकरणों के संचालन, वैज्ञानिक परीक्षण विधियों एवं अनुसंधान कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया। इससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा उनके व्यावसायिक कौशल का विकास हुआ।

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि PLANTICA द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने प्रशिक्षण की उत्कृष्ट व्यवस्था, अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, प्रयोगात्मक गतिविधियों तथा मैदानी भ्रमण की सराहना की और भविष्य में भी PLANTICA के साथ जुड़कर उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम के सफल संचालन में PLANTICA के समस्त संकाय सदस्यों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सहयोगी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

PLANTICA, देहरादून द्वारा आयोजित यह समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास, अनुसंधान अभिरुचि एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

प्लांटिका, देहरादून द्वारा समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय बैच का शुभारम्भ- देहरादून, 15 जून 2026

देहरादून, 15 जून 2026। ग्रामीण विकास, कृषि एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी संस्था प्लांटिका (PLANTICA) – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट, देहरादून द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम-2026 के द्वितीय बैच का शुभारम्भ 15 जून 2026 से सफलतापूर्वक किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, अनुसंधान कौशल तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवीन तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की है। प्रतिभागियों में उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, झारखंड, टी.एम.यू. (तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय), मुरादाबाद, पी.जी. कॉलेज, फतेहगढ़, पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तथा मेवाड़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सम्मिलित हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि, उद्यानिकी, मशरूम उत्पादन, जैव उर्वरक, अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन, उद्यमिता विकास तथा ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल कक्षागत शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव, अनुसंधान कौशल तथा नवाचार आधारित सीखने के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। पीएलांटिका का यह प्रयास विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, प्लांटिका ने बताया कि समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता एवं उद्यमशीलता के गुणों का विकास करना है।

वहीं सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretary) अंजली शर्मा, तकनीकी सहयोगी, प्लांटिका ने बताया कि कार्यक्रम को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है। प्रतिभागियों को फील्ड विजिट, प्रयोगशाला प्रशिक्षण, परियोजना कार्य तथा कौशल विकास गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिल सके।

प्लांटिका द्वारा जानकारी दी गई कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला बैच 01 जुलाई 2026 से प्रारम्भ होगा। इच्छुक छात्र-छात्राएं समय रहते अपना पंजीकरण कर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल संचालन में प्लांटिका की अकादमिक एवं तकनीकी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था भविष्य में भी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं युवा कृषि उद्यमियों के लिए ऐसे कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।