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प्लांटिका, देहरादून में READY Program–2026 के प्रथम बैच का शुभारंभ- देहरादून, 16 जुलाई 2026

देहरादून, 16 जुलाई 2026। कृषि शिक्षा को व्यवहारिक, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा READY (Rural Agricultural Work Experience – RAWE, Agro Industrial Attachment – AIA, Plant Clinic एवं Unit Attachment) Program–2026 के प्रथम बैच का शुभारंभ 16 जुलाई, 2026 से सफलतापूर्वक किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुभव तथा कृषि उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में Noida International University, Greater Noida, राजकीय महाविद्यालय, रुद्रप्रयाग, Himalayan Institute of Technology (HIT), देहरादून, Uttaranchal College of Science and Technology (UCST), देहरादून तथा Doon Group of Institutions, ऋषिकेश के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप प्रदान किया है।

READY Program का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें कृषि क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों, नवीन तकनीकों, अनुसंधान पद्धतियों, कृषि उद्यमिता तथा उद्योगों के कार्यकलापों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE), एग्रो इंडस्ट्रियल अटैचमेंट (AIA), प्लांट क्लिनिक, अनुसंधान एवं उत्पादन इकाइयों का प्रशिक्षण, पौध रोग एवं कीट निदान, मृदा एवं जल परीक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, पौध संरक्षण, बीज उत्पादन, कृषि व्यवसाय प्रबंधन, प्रयोगशाला तकनीकों तथा आधुनिक कृषि उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को कृषि आधारित स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता विकास के विभिन्न आयामों से भी अवगत कराया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनुप बड़ोनी, अध्यक्ष, PLANTICA Foundation एवं डीन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में कृषि शिक्षा को कौशल आधारित बनाना अत्यंत आवश्यक है। READY Program विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, दक्ष एवं रोजगारोन्मुख कृषि पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार तथा कृषि उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ना है।

कार्यक्रम की प्रमुख (Program Head) सुश्री वंदना पेटवाल, साइंटिफिक ऑफिसर, PLANTICA हैं। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक कृषि तकनीकों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि उद्योगों, प्लांट हेल्थ क्लिनिक तथा विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी एवं सफल कृषि विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक (Program Coordinators) सुश्री अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA, डॉ. अरविन्द नैणवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पशुपालन) तथा डॉ. पल्लवी चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि, बागवानी, पशुपालन, मृदा विज्ञान, पौध संरक्षण, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, उद्यमिता विकास एवं अनुसंधान पद्धतियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

PLANTICA प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों एवं संस्थानों से प्राप्त व्यापक उत्साह एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए READY Program–2026 के द्वितीय बैच का शुभारंभ 01 अगस्त, 2026 से किया जाएगा। इच्छुक महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय अपने अंतिम वर्ष के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि विद्यार्थियों का पंजीकरण निर्धारित समय से पूर्व कर सकते हैं।

PLANTICA द्वारा संचालित READY Program कृषि शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान एवं ग्रामीण विकास से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में व्यावसायिक दक्षता, तकनीकी कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं कृषि उद्यमिता का विकास कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

प्लांटिका, देहरादून में समर इंटर्नशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम के तृतीय बैच का शुभारंभ, देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण में प्रवेश, अगला बैच 20 जुलाई 2026 से होगा प्रारंभ- देहरादून, 01 जुलाई 2026

देहरादून, 01 जुलाई 2026। कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने वाली अग्रणी संस्था PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), Dehradun द्वारा आयोजित Summer Internship Training Program – 2026 के तृतीय बैच का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 से सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस बैच में Assam University, Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology (GBPUAT), Pantnagar, Graphic Era University, Dehradun तथा Haridwar University, Roorkee के विद्यार्थियों ने नामांकन कर प्रशिक्षण प्रारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, उद्यानिकी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैविक खेती, मृदा एवं जल परीक्षण, अनुसंधान पद्धति, कृषि उद्यमिता तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी, चेयरमैन, PLANTICA एवं डीन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग एवं अनुसंधान आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार एवं उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, साइंटिफिक ऑफिसर, PLANTICA ने बताया कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण पूर्णतः हैंड्स-ऑन एवं स्किल आधारित है, जिसमें प्रतिभागियों को प्रयोगशाला कार्य, फील्ड विजिट, मृदा एवं जल विश्लेषण, पौध स्वास्थ्य प्रबंधन, जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशक उत्पादन, मशरूम उत्पादन, जैविक खेती, कृषि अनुसंधान तकनीकों तथा वैज्ञानिक लेखन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretaries) अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA तथा डॉ. अरविंद नैणवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पशुपालन) ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कृषि एवं पशुपालन के समन्वित मॉडल, आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों तथा ग्रामीण कृषि विकास की नवीन अवधारणाओं से भी परिचित कराया जाएगा।

संस्थान द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप कार्यक्रम को देशभर के कृषि एवं विज्ञान के विद्यार्थियों से लगातार उत्कृष्ट प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। इससे पूर्व आयोजित दोनों बैचों में विभिन्न राज्यों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की।

PLANTICA प्रशासन ने जानकारी दी कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला (चतुर्थ) बैच 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीकरण कर इस कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

PLANTICA द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में व्यावहारिक दक्षता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है तथा देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच निरंतर लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है।

प्लांटिका, देहरादून में समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रथम बैच) का सफल समापन- देहरादून, 30 जून, 2026

देहरादून, 30 जून, 2026।
PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा आयोजित एक माह का समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रथम बैच) दिनांक 01 जून से 30 जून, 2026 तक सफलतापूर्वक संचालित किया गया। कार्यक्रम का समापन 30 जून, 2026 को प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी विद्यार्थियों में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला (Punjab University, Patiala), शूलिनी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश (Shoolini University, Himachal Pradesh), देवभूमि उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून (DBUU, Dehradun) तथा श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून (SGRRU, Dehradun) के छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान पद्धतियों तथा कौशल विकास से जोड़ना था, जिससे वे अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव के साथ समृद्ध कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण, पौध स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, पौध संरक्षण, कृषि उद्यमिता, कृषि अनुसंधान की आधुनिक तकनीकों, प्रयोगशाला विश्लेषण, वैज्ञानिक लेखन, फील्ड विजिट तथा कृषि आधारित नवाचारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनुप बडोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग एवं अनुसंधान की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कृषि, अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सक्षम बनाना है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का समाज और कृषि क्षेत्र के विकास में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, सेंटर हेड, PLANTICA ने बताया कि पूरे प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की। प्रशिक्षण को इस प्रकार तैयार किया गया था कि प्रतिभागियों को प्रयोगशाला एवं फील्ड दोनों स्तरों पर सीखने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी PLANTICA विद्यार्थियों के लिए ऐसे रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretary) अंजली शर्मा, टेक्निकल एसोसिएट, PLANTICA ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को नवीन कृषि तकनीकों, प्रयोगशाला उपकरणों के संचालन, वैज्ञानिक परीक्षण विधियों एवं अनुसंधान कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया। इससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा उनके व्यावसायिक कौशल का विकास हुआ।

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि PLANTICA द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने प्रशिक्षण की उत्कृष्ट व्यवस्था, अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, प्रयोगात्मक गतिविधियों तथा मैदानी भ्रमण की सराहना की और भविष्य में भी PLANTICA के साथ जुड़कर उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम के सफल संचालन में PLANTICA के समस्त संकाय सदस्यों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सहयोगी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

PLANTICA, देहरादून द्वारा आयोजित यह समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास, अनुसंधान अभिरुचि एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

प्लांटिका, देहरादून द्वारा समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय बैच का शुभारम्भ- देहरादून, 15 जून 2026

देहरादून, 15 जून 2026। ग्रामीण विकास, कृषि एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी संस्था प्लांटिका (PLANTICA) – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट, देहरादून द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम-2026 के द्वितीय बैच का शुभारम्भ 15 जून 2026 से सफलतापूर्वक किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, अनुसंधान कौशल तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवीन तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की है। प्रतिभागियों में उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, झारखंड, टी.एम.यू. (तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय), मुरादाबाद, पी.जी. कॉलेज, फतेहगढ़, पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तथा मेवाड़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सम्मिलित हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि, उद्यानिकी, मशरूम उत्पादन, जैव उर्वरक, अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन, उद्यमिता विकास तथा ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल कक्षागत शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव, अनुसंधान कौशल तथा नवाचार आधारित सीखने के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। पीएलांटिका का यह प्रयास विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, प्लांटिका ने बताया कि समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता एवं उद्यमशीलता के गुणों का विकास करना है।

वहीं सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretary) अंजली शर्मा, तकनीकी सहयोगी, प्लांटिका ने बताया कि कार्यक्रम को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है। प्रतिभागियों को फील्ड विजिट, प्रयोगशाला प्रशिक्षण, परियोजना कार्य तथा कौशल विकास गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिल सके।

प्लांटिका द्वारा जानकारी दी गई कि समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला बैच 01 जुलाई 2026 से प्रारम्भ होगा। इच्छुक छात्र-छात्राएं समय रहते अपना पंजीकरण कर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल संचालन में प्लांटिका की अकादमिक एवं तकनीकी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था भविष्य में भी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं युवा कृषि उद्यमियों के लिए ऐसे कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।

विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन , उत्तरकाशी, 05 जून 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन, पर्यावरण संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों पर दिया गया बल

उत्तरकाशी, 05 जून 2026।

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर PLANTICA – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट, देहरादून / प्लांटिका पर्वतीय केंद्र, उत्तरकाशी एवं श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी द्वारा उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB), उत्तराखण्ड सरकार, देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी (National Symposium on World Environment Day 2026) का भव्य आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 120 से अधिक प्रतिभागियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अमित पोखरियाल, नोडल अधिकारी – EIACP Hub, UKPCB, देहरादून द्वारा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती साक्षी रावत, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), टिहरी डैम-II, उत्तरकाशी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) भगवान नौटियाल, माननीय कुलपति, श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी थे। कार्यक्रम के सह-अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनूप बड़ोनी, अधिष्ठाता, कृषि संकाय एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन में आयोजकों ने विश्व पर्यावरण दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री अमित पोखरियाल ने पर्यावरणीय जागरूकता, जनभागीदारी एवं पर्यावरण शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संरक्षण हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं EIACP Hub की गतिविधियों की जानकारी भी साझा की तथा एकल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग न करने पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि श्रीमती साक्षी रावत ने अपने संबोधन में वनों की भूमिका, जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्थानीय समुदायों की सहभागिता से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) भगवान नौटियाल ने विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि युवाओं में पर्यावरणीय चेतना विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शोध, नवाचार एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सह-अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनूप बड़ोनी ने अपने वक्तव्य में पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक कृषि, जल एवं मृदा संरक्षण तथा ग्रामीण विकास के संदर्भ में सतत् प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्थानीय ज्ञान का समन्वय आवश्यक है।

तकनीकी सत्र में आमंत्रित वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. पूजा कैंतुरा, गन्ना विकास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार ने कृषि एवं पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों तथा सतत कृषि पद्धतियों पर अपने विचार साझा किए। श्री पाण्डेय, शोधकर्ता, व्रोक्लॉ विश्वविद्यालय, पोलैंड ने वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों एवं अंतरराष्ट्रीय शोध परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. मनीषा, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पंजाब ने पर्यावरण शिक्षा, जन-जागरूकता एवं युवाओं की भूमिका पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया।

संगोष्ठी के दौरान पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत विकास जैसे विषयों पर अपने शोध एवं नवाचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टरों की विशेषज्ञों ने सराहना की।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान भी संचालित किया गया, जिसमें अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इसके अतिरिक्त आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों एवं युवाओं को स्वच्छ पर्यावरण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली, जल संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. पल्लवी चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक, PLANTICA ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के सह-आयोजन सचिव वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, PLANTICA ने संगोष्ठी की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री सूरज जोशी, समन्वयक, PLANTICA हिल सेंटर, उत्तरकाशी तथा सुश्री अंजलि शर्मा, समन्वयक, PLANTICA, देहरादून का विशेष योगदान रहा।

राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण, हरित जीवनशैली अपनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

प्लांटिका, देहरादून द्वारा समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ- देहरादून, 01 जून 2026

देहरादून | दिनांक: 01 जून, 2026

कृषि, जैविक विज्ञान एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठित संस्था PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), Dehradun द्वारा आज दिनांक 01 जून 2026 से समर इंटर्नशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम – 2026 का विधिवत शुभारम्भ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला (पंजाब), शूलिनी यूनिवर्सिटी (हिमाचल प्रदेश), देव भूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय (DBUU), देहरादून तथा श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU), देहरादून के विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है। आगामी सप्ताहों में प्रतिभागियों को कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, मशरूम उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जैव उर्वरक, ग्रामीण उद्यमिता, अनुसंधान पद्धतियों तथा प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) प्रो. (डॉ.) अनूप बड़ोनी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और शोध कौशल से भी सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PLANTICA का उद्देश्य युवाओं को “Learning by Doing” की अवधारणा के माध्यम से कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में दक्ष बनाना है, जिससे वे भविष्य में सफल वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं उद्यमी बन सकें।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव (Organizing Secretary) सुश्री वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, PLANTICA ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रयोगशाला विश्लेषण, जैविक उत्पादन प्रणालियों तथा उद्यमिता विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा।

सह-आयोजन सचिव (Co-Organizing Secretary) सुश्री अंजली शर्मा, PLANTICA ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावसायिक एवं व्यावहारिक दक्षताएँ भी प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, शोध क्षमता और रोजगारोन्मुख कौशल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर प्रतिभागियों का पंजीकरण, परिचय सत्र, प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी तथा आगामी गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रति विशेष उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

PLANTICA द्वारा संचालित यह समर इंटर्नशिप कार्यक्रम युवाओं को कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान गतिविधियों तथा उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्था द्वारा भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर एक दिवसीय सेमिनार का प्लांटिका संस्थान, श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सयुंक्त तत्वाधान में हुआ सफलआयोजन- देहरादून, 22 मई, 2026

देहरादून | दिनांक: 22 मई, 2026

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर PLANTICA – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट, देहरादून तथा श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB), उत्तराखंड सरकार, देहरादून के सहयोग से एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा युवा पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।

इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा मानव जीवन पर इसके प्रभावों पर गहन चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य आमंत्रित वक्ता डॉ. आर. पी. काला, पूर्व कार्यक्रम समन्वयक, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड, देहरादून रहे। अपने व्याख्यान में उन्होंने जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैव विविधता केवल जीव-जंतुओं और पौधों की विविधता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पृथ्वी पर जीवन के संपूर्ण संतुलन का आधार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियोजित विकास, बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के कारण जैव विविधता गंभीर संकट का सामना कर रही है।

डॉ. काला ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है और यहां हिमालयी क्षेत्रों में अनेक दुर्लभ एवं औषधीय प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जैव विविधता संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं तथा जैव संसाधनों के संरक्षण एवं उनके सतत उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाएं। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय समुदायों की भूमिका तथा जैव विविधता प्रबंधन समितियों की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी ने अपने संदेश में कहा कि जैव विविधता का संरक्षण वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति एवं मानव जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं और यदि जैव विविधता का संतुलन बिगड़ता है तो इसका प्रतिकूल प्रभाव मानव समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की आयोजन सचिव एवं PLANTICA की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पल्लवी चौहान ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जैव विविधता संरक्षण केवल वैज्ञानिकों या सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम की सह-आयोजन सचिव एवं PLANTICA की वैज्ञानिक अधिकारी वंदना पेटवाल ने कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जैव विविधता संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु सामूहिक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं एवं प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि जैव विविधता का संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों के योगदान की सराहना की गई। यह आयोजन ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला साबित हुआ।

Amity University, Noida के विद्यार्थियों ने PLANTICA Summer Internship Training Program में किया सहभाग- देहरादून, 04 मई 2026

देहरादून | दिनांक: 04 मई, 2026

Amity University के विद्यार्थियों ने दिनांक 04 मई 2026 से PLANTICA – Indian Academy of Rural Development द्वारा संचालित Summer Internship Training Program में सहभागिता प्रारम्भ की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि, अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं ग्रामीण विकास से संबंधित व्यावहारिक एवं शोधपरक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, पौध संरक्षण, कृषि उद्यमिता, ग्रामीण विकास मॉडल, सतत कृषि प्रणाली तथा शोध एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि विद्यार्थी सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ फील्ड आधारित अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रयोगात्मक गतिविधियों, फील्ड विजिट, डेमोंस्ट्रेशन एवं हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता एवं रोजगारोन्मुखी कौशल को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मार्गदर्शन Professor (Dr.) Anoop Badoni द्वारा किया जा रहा है, एवं वैज्ञानिक अधिकारी वंदना पेटवाल द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध, उद्यमिता एवं सतत कृषि की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

यह समर इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं व्यावसायिक मंच सिद्ध होगा, जहाँ उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने एवं कृषि क्षेत्र की चुनौतियों एवं संभावनाओं को समझने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थियों ने भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अपने भविष्य एवं करियर विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

PLANTICA- Indian Academy of Rural Development द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के कौशल विकास, शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को कृषि, पर्यावरण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

प्लांटिका में तीन दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न- देहरादून, 29 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 29 अप्रैल, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा आयोजित 3 दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 27 अप्रैल 2026 से 29 अप्रैल 2026 तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे मशरूम की प्रजातियाँ, कम्पोस्ट एवं सब्सट्रेट तैयार करना, स्पॉनिंग तकनीक, तापमान एवं आर्द्रता प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, उत्पादन उपरांत प्रबंधन तथा मशरूम आधारित स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में व्यावहारिक (Hands-on Training) सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने स्वयं मशरूम उत्पादन की प्रक्रियाओं को समझा एवं अभ्यास किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एवं प्रशिक्षण Professor (Dr.) Anoop Badoni द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार एवं कृषि उद्यमिता के एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय प्रदान करने वाली एक उभरती हुई कृषि तकनीक है, जो ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं किसानों के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के लिए एक उत्कृष्ट शिक्षण मंच सिद्ध हुआ, जिसने उनकी तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक समझ एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगारोन्मुखी कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में इस प्रकार के और अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने बताया कि PLANTICA- Indian Academy of Rural Development भविष्य में भी कृषि, प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं कृषि उद्यमिता से संबंधित विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पोस्टर प्रतियोगिता एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित- देहरादून, 22 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 22 अप्रैल, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा Himalayan Institute of Technology में Uttarakhand Pollution Control Board के सहयोग से पृथ्वी दिवस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा पृथ्वी के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागरूक करना था।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता और जागरूकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक एवं प्रेरणादायक पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने पृथ्वी को सुरक्षित एवं स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा हरित वातावरण विकसित करने का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. पूजा कैंतुरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी और पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा प्रदूषण नियंत्रण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. पल्लवी चौहान, डॉ. दीपाली जोशी एवं सुश्री वंदना पेटवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

पूरा कार्यक्रम उत्साह, जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली बना दिया।