देहरादून | दिनांक: 18 अप्रैल, 2026
पीएसआरएम 2025–26 का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न
देहरादून। PLANTICA- Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा आयोजित “8th Plant Science Researchers Meet (PSRM) 2025–26” का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Innovation, Integration, and Sustainability in Agricultural, Applied and Life Sciences for Future India” विषय पर 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को Tula’s Institute, देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि, अनुप्रयुक्त एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, समन्वय एवं सतत विकास से संबंधित शोध एवं विचारों का आदान-प्रदान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कपिल जोशी ने अपने संबोधन में सतत कृषि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं शोध आधारित नवाचारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के लिए कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सम्मेलन की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) ए. के. कर्नाटक ने की। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों को समाज एवं किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए, जिससे शोध का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र तक पहुंच सके।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) देवेंद्र भसीन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुभव एवं सहयोग का उत्कृष्ट मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने युवा शोधार्थियों को नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) संजय सचान, प्रो. (डॉ.) जी. के. ढींगरा, प्रो. (डॉ.) ए. सी. मिश्रा, प्रो. (डॉ.) आर. एस. नेगी एवं प्रो. (डॉ.) जे. एस. चौहान उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, शोध एवं सतत विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी एवं डॉ. सुनील सेमवाल के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति द्वारा सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतिकरण, पोस्टर प्रस्तुतीकरण एवं विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट शोध कार्यों एवं प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। पुरस्कार एवं सम्मान समारोह सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें युवा शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सतत कृषि एवं जीवन विज्ञान से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने सम्मेलन को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसे शोध एवं सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।

सम्मेलन का समापन सफल ज्ञान-विनिमय, शोध सहयोग एवं उत्कृष्टता के सम्मान के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शोधार्थियों एवं सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं:
• राष्ट्रीय स्तर पर शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों की सहभागिता
• तकनीकी एवं पोस्टर प्रस्तुतीकरण सत्र
• पुरस्कार एवं सम्मान समारोह
• सतत एवं नवाचारी भविष्य पर विशेष फोकस
• कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में शोध एवं सहयोग को बढ़ावा