प्लांटिका संस्थान द्वारा वन पंचायत सदस्यों हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित – उत्तरकाशी, 31 मार्च 2026

प्लांटिका संस्थान द्वारा वन पंचायत सदस्यों हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित

उत्तरकाशी, 31 मार्च 2026।
प्लांटिका संस्थान द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 को वन पंचायत सदस्यों, कार्मिकों एवं विभिन्न सामुदायिक संगठनों के लिए एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वन विभाग, उत्तरकाशी, उत्तराखंड सरकार द्वारा वित्तपोषित परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य वन पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों को आजीविका उन्नयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती, मौन पालन (मधुमक्खी पालन) एवं मशरूम उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्लांटिका संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक, डॉ. अनूप बडोनी ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, इसके लाभों तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने मौन पालन एवं मशरूम उत्पादन को ग्रामीण आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर प्लांटिका पर्वतीय केंद्र के केंद्र समन्वयक श्री सूरज जोशी तथा शोधार्थी लोकेश वर्मा भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी प्रशिक्षण गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। प्लांटिका संस्थान ने भी क्षेत्रीय विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।

प्लांटिका संस्थान, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy (NEP) 2020) के अनुरूप “स्किल डेवलपमेंट हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग प्रोग्राम” का सफल शुभारंभ- 23 मार्च, 2026

देहरादून | दिनांक: 23 मार्च, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy (NEP) 2020) के अनुरूप आयोजित “स्किल डेवलपमेंट हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग प्रोग्राम” का आज सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 से 28 मार्च, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कौशल विकास के चार प्रमुख घटकों—मृदा परीक्षण (Soil Testing), मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation), जैविक एवं प्राकृतिक खेती (Organic and Natural Farming) तथा फूड प्रोसेसिंग (Food Processing)—पर विशेष फोकस किया गया है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में Shri Guru Ram Rai University, देहरादून के विद्यार्थियों के साथ-साथ Rishikesh एवं Dehradun से आए विभिन्न प्रतिभागियों, उद्यमियों एवं इच्छुक व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकें।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर Dr. Anoop Badoni, निदेशक, PLANTICA द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। वहीं, Vandana Petwal, वैज्ञानिक अधिकारी एवं सेंटर हेड, PLANTICA ने विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया।

सत्रों के दौरान मृदा की गुणवत्ता जांच, मशरूम उत्पादन की आधुनिक विधियां, जैविक खेती के सिद्धांत एवं फूड प्रोसेसिंग के व्यावसायिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विषय में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे सीखे गए कौशल को सीधे व्यवहार में लागू कर सकें।

कार्यक्रम के सफल शुभारंभ पर प्रतिभागियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं रोजगारपरक बताया। PLANTICA द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है, जिससे युवाओं एवं किसानों को सशक्त बनाया जा सके।

यूटी लद्दाख के प्रतिभागियों ने प्लांटिका अकादमी, देहरादून में आयोजित रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिया भाग – 02 मार्च, 2026

देहरादून | दिनांक: 02 मार्च, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा 24 फरवरी से 02 मार्च, 2026 तक सरकारी अधिकारियों के लिए आयोजित रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में Ladakh (यूटी लद्दाख) से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी जानकारी, प्रबंधन कौशल तथा क्षेत्रीय विकास से संबंधित नवीनतम अवधारणाओं से परिचित कराना था, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक पशुपालन प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, उद्यमिता विकास एवं सतत ग्रामीण विकास से संबंधित व्याख्यान, समूह चर्चा एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए Directorate of Department of Sheep Husbandry, UT Ladakh का विशेष सहयोग रहा, जिसके लिए PLANTICA परिवार ने हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के उत्कृष्ट समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए PLANTICA की वैज्ञानिक अधिकारी Vandana Petwal को विशेष धन्यवाद दिया गया।

संस्थान के निदेशक Dr. Anoop Badoni ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रतिभागी अपने क्षेत्र में अर्जित ज्ञान का प्रभावी उपयोग कर स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न- 13 फरवरी 2026

मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

देहरादून, 13 फरवरी 2026: 09 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित “मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऋषिकेश, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, प्रबंधन कौशल, उद्यमिता विकास तथा बाजार से जुड़ी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे स्वरोजगार और लघु उद्यम के रूप में मशरूम उत्पादन को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।

इस अवसर पर डॉ. अनूप बडोनी, निदेशक, प्लांटिका; श्री हिमांशु मल्होत्रा, चेयरमैन, स्कोलिक्स फाउंडेशन; सुश्री वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, प्लांटिका; तथा श्रीमती अनीता त्रिवेदी, ईडीआईआई, देहरादून उपस्थित रहीं और प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिए। वक्ताओं ने मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी, उद्यमिता विकास, उत्पाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों से भी अवगत कराया गया, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षणों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

जनपद उत्तरकाशी के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित हुआ एग्री उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम :जनवरी 2026

उत्तरकाशी, जनवरी 2026।
प्लांटिका – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट (IARD) द्वारा जनपद उत्तरकाशी के विभिन्न विद्यालयों में जनवरी 2026 के दौरान एग्री उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि आधारित उद्यमिता के प्रति रुचि उत्पन्न करना तथा उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में इंटरैक्टिव सत्र, व्याख्यान तथा जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, सब्जी उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं कृषि आधारित स्टार्टअप जैसे विषयों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि आधुनिक तकनीकों और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर वे स्वयं का कृषि उद्यम स्थापित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएँ भी साझा कीं। प्लांटिका के विशेषज्ञों ने उन्हें भविष्य में उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों तथा उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी।

प्लांटिका के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को कृषि आधारित आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना है। आने वाले समय में भी जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने प्लांटिका टीम का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार की गतिविधियों को भविष्य में भी जारी रखने की अपेक्षा जताई।

प्लांटिका पर्वतीय केंद्र, उत्तरकाशी द्वारा दो दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन – 20 एवं 21 जनवरी 2026

उत्तरकाशी, 21 जनवरी 2026:
प्लांटिका पर्वतीय केंद्र, उत्तरकाशी द्वारा 20 एवं 21 जनवरी 2026 को दो दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में श्रीमती मंजिरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी तथा ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उत्तरकाशी के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, कम लागत में उच्च उत्पादन की विधियों तथा स्वरोजगार के अवसरों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों, बीज (स्पॉन) तैयारी, कम्पोस्ट निर्माण, बुवाई, देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को व्यावहारिक रूप से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया गया, जिससे वे अपने स्तर पर भी मशरूम उत्पादन आरंभ कर सकें। किसानों एवं छात्रों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर युवाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

ELP with Student Exchange Program कार्यक्रम 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ

देहरादून। PLANTICA–इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट (IARD), देहरादून में 16 जनवरी 2026 से तीन माह का अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning Program–ELP) सह हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। इस छात्र विनिमय कार्यक्रम में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून तथा स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, ऋषिकेश के विद्यार्थियों ने भाग लिया है।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, जैविक खेती, उद्यमिता, प्राकृतिक उत्पादों के विकास, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, नर्सरी प्रबंधन, मृदा परीक्षण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन जैसे विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल आधारित ज्ञान अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें।

इस अवसर पर PLANTICA-IARD के निदेशक डॉ. अनूप बडोनी ने कहा कि अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक एवं उद्यमिता उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में सफल कृषि-उद्यमी बन सकें। उन्होंने बताया कि यह तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक खेत एवं प्रयोगशाला परिस्थितियों में सीखने का अवसर देगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न फील्ड विजिट, प्रायोगिक सत्र, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग एवं विपणन गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें कृषि एवं ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त हो सके।

इस छात्र विनिमय एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम से विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, नवाचार क्षमता तथा स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्रों ने PLANTICA-IARD में एक माह का इंटर्नशिप एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण किया- देहरादून, जनवरी 2026

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून के छात्रों ने PLANTICA-Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून में आयोजित एक माह के इंटर्नशिप-कम-हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को मृदा परीक्षण (Soil Testing), मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation), एग्रोनॉमी (Agronomy) सहित विभिन्न कृषि विषयों पर प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों ने प्रयोगशाला में मृदा के विभिन्न पोषक तत्वों का विश्लेषण करना, खेत स्तर पर फसल प्रबंधन की तकनीकें सीखना तथा मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझा।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों का एक शैक्षणिक भ्रमण PLANTICA-IARD हिल सेंटर, उत्तरकाशी भी कराया गया, जहां उन्हें पर्वतीय कृषि (Hill Agriculture) की पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस भ्रमण के दौरान छात्रों ने स्थानीय फसलों, जैविक खेती, पारंपरिक कृषि प्रणालियों तथा पहाड़ी क्षेत्रों की कृषि चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें एग्री-उद्यमिता की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

PLANTICA-IARD द्वारा भविष्य में भी ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, जिससे युवा पीढ़ी को कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकें।