पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पोस्टर प्रतियोगिता एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित- देहरादून, 22 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 22 अप्रैल, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा Himalayan Institute of Technology में Uttarakhand Pollution Control Board के सहयोग से पृथ्वी दिवस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा पृथ्वी के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागरूक करना था।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता और जागरूकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक एवं प्रेरणादायक पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने पृथ्वी को सुरक्षित एवं स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा हरित वातावरण विकसित करने का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. पूजा कैंतुरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी और पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा प्रदूषण नियंत्रण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. पल्लवी चौहान, डॉ. दीपाली जोशी एवं सुश्री वंदना पेटवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

पूरा कार्यक्रम उत्साह, जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली बना दिया।

पीएसआरएम 2025–26 का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न- देहरादून, 18 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 18 अप्रैल, 2026

पीएसआरएम 2025–26 का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न

देहरादून। PLANTICA- Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा आयोजित “8th Plant Science Researchers Meet (PSRM) 2025–26” का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Innovation, Integration, and Sustainability in Agricultural, Applied and Life Sciences for Future India” विषय पर 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को Tula’s Institute, देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि, अनुप्रयुक्त एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, समन्वय एवं सतत विकास से संबंधित शोध एवं विचारों का आदान-प्रदान करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कपिल जोशी ने अपने संबोधन में सतत कृषि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं शोध आधारित नवाचारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के लिए कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सम्मेलन की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) ए. के. कर्नाटक ने की। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों को समाज एवं किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए, जिससे शोध का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र तक पहुंच सके।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) देवेंद्र भसीन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुभव एवं सहयोग का उत्कृष्ट मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने युवा शोधार्थियों को नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) संजय सचान, प्रो. (डॉ.) जी. के. ढींगरा, प्रो. (डॉ.) ए. सी. मिश्रा, प्रो. (डॉ.) आर. एस. नेगी एवं प्रो. (डॉ.) जे. एस. चौहान उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, शोध एवं सतत विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) अनूप बडोनी एवं डॉ. सुनील सेमवाल के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति द्वारा सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतिकरण, पोस्टर प्रस्तुतीकरण एवं विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।

सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट शोध कार्यों एवं प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। पुरस्कार एवं सम्मान समारोह सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें युवा शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सतत कृषि एवं जीवन विज्ञान से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने सम्मेलन को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसे शोध एवं सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।

सम्मेलन का समापन सफल ज्ञान-विनिमय, शोध सहयोग एवं उत्कृष्टता के सम्मान के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शोधार्थियों एवं सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं:
• राष्ट्रीय स्तर पर शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों की सहभागिता
• तकनीकी एवं पोस्टर प्रस्तुतीकरण सत्र
• पुरस्कार एवं सम्मान समारोह
• सतत एवं नवाचारी भविष्य पर विशेष फोकस
• कृषि एवं जीवन विज्ञान के क्षेत्र में शोध एवं सहयोग को बढ़ावा

प्लांटिका में तीन दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न- देहरादून, 12 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 12 अप्रैल, 2026

PLANTICA- Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) में 3 दिवसीय व्यावहारिक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन तथा सतत कृषि प्रणाली से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों, युवा प्रतिभागियों एवं कृषि में रुचि रखने वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मधुमक्खियों की प्रजातियों, उनके प्रबंधन, छत्तों की देखभाल, रानी मधुमक्खी की पहचान, रोग एवं कीट प्रबंधन, शहद संग्रहण एवं प्रसंस्करण की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण का संचालन प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एवं PLANTICA के चेयरमैन डॉ. अनूप बडोनी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन के वैज्ञानिक तरीकों एवं आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मधुमक्खी पालन कृषि आधारित आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे कृषि उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिसमें मधुमक्खी कॉलोनी का निरीक्षण, छत्तों का प्रबंधन, सुरक्षा उपाय एवं शहद निष्कर्षण की प्रक्रिया शामिल रही। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से मधुमक्खियों के व्यवहार एवं उनके प्रबंधन की तकनीकों को समझा।

डॉ. अनूप बडोनी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी पालन अत्यंत उपयोगी गतिविधि है। यह ग्रामीण युवाओं, किसानों एवं महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय का सशक्त साधन बन सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यमिता एवं कृषि आधारित व्यवसायों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जो भविष्य में स्वरोजगार एवं कृषि विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रतिभागियों ने PLANTICA- Indian Academy of Rural Development के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास एवं कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई।

प्लांटिका स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत कुमाऊं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का औद्योगिक अनुलग्नक संपन्न- देहरादून, 01 अप्रैल 2026

देहरादून | दिनांक: 01 अप्रैल, 2026

PLANTICA- Indian Academy of Rural Development (Agriculture Training & Research Centre) द्वारा संचालित “स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम” के अंतर्गत विद्यार्थियों का औद्योगिक भ्रमण एवं इंडस्ट्री अटैचमेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “Bhavna Dhoops (Luxury Incense Products)” इकाई का भ्रमण किया तथा कृषि अपशिष्ट प्रबंधन (Agriculture Waste Management Module) से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

इस औद्योगिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने देखा कि किस प्रकार कृषि अवशेष एवं जैविक अपशिष्ट को उपयोगी एवं मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। उद्योग विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि कृषि अपशिष्ट का सही प्रबंधन न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों एवं युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करता है।

विद्यार्थियों ने विशेष रूप से धूप एवं लक्ज़री अगरबत्ती निर्माण की प्रक्रिया को समझा और जाना कि प्राकृतिक एवं कृषि आधारित कच्चे पदार्थों का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इस दौरान उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।

कार्यक्रम में Bhavna Dhoops के CEO श्री विकास उनियाल ने विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृषि एवं उद्योग के समन्वय से सतत विकास और रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर PLANTICA की सेंटर हेड सुश्री वंदना पेटवाल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सफल उद्यमी एवं शोधकर्ता बन सकें।

विद्यार्थियों ने इस इंडस्ट्री अटैचमेंट कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया तथा कृषि अपशिष्ट प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर PLANTICA परिवार एवं Bhavna Dhoops प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लिया भाग – देहरादून, 31 मार्च 2026

देहरादून | दिनांक: 31 मार्च, 2026

PLANTICA- Indian Academy of Rural Development में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development के अंतर्गत संचालित Agriculture Training & Research Centre में आयोजित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में SGRR University के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सतत कृषि एवं कृषि संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान एवं तकनीकी कौशल प्राप्त किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों, जैविक खेती, पौध संरक्षण, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कृषि उद्यमिता तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए कृषि क्षेत्र की नवीन तकनीकों और संभावनाओं को समझा।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था, जिससे वे भविष्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं कुशल बन सकें। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को खेतों एवं प्रयोगात्मक इकाइयों का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया गया, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनी।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों के समर्पण, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता को भी बढ़ावा देते हैं।

संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि PLANTICA – Indian Academy of Rural Development भविष्य में भी विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि उन्हें उद्योग एवं कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराया जा सके।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ तथा सभी प्रतिभागियों ने इसे अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

प्लांटिका संस्थान द्वारा वन पंचायत सदस्यों हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित – उत्तरकाशी, 31 मार्च 2026

प्लांटिका संस्थान द्वारा वन पंचायत सदस्यों हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित

उत्तरकाशी, 31 मार्च 2026।
प्लांटिका संस्थान द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 को वन पंचायत सदस्यों, कार्मिकों एवं विभिन्न सामुदायिक संगठनों के लिए एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वन विभाग, उत्तरकाशी, उत्तराखंड सरकार द्वारा वित्तपोषित परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य वन पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों को आजीविका उन्नयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती, मौन पालन (मधुमक्खी पालन) एवं मशरूम उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्लांटिका संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक, डॉ. अनूप बडोनी ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, इसके लाभों तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने मौन पालन एवं मशरूम उत्पादन को ग्रामीण आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर प्लांटिका पर्वतीय केंद्र के केंद्र समन्वयक श्री सूरज जोशी तथा शोधार्थी लोकेश वर्मा भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी प्रशिक्षण गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। प्लांटिका संस्थान ने भी क्षेत्रीय विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।

प्लांटिका संस्थान, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy (NEP) 2020) के अनुरूप “स्किल डेवलपमेंट हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग प्रोग्राम” का सफल शुभारंभ- 23 मार्च, 2026

देहरादून | दिनांक: 23 मार्च, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy (NEP) 2020) के अनुरूप आयोजित “स्किल डेवलपमेंट हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग प्रोग्राम” का आज सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 से 28 मार्च, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कौशल विकास के चार प्रमुख घटकों—मृदा परीक्षण (Soil Testing), मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation), जैविक एवं प्राकृतिक खेती (Organic and Natural Farming) तथा फूड प्रोसेसिंग (Food Processing)—पर विशेष फोकस किया गया है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में Shri Guru Ram Rai University, देहरादून के विद्यार्थियों के साथ-साथ Rishikesh एवं Dehradun से आए विभिन्न प्रतिभागियों, उद्यमियों एवं इच्छुक व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकें।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर Dr. Anoop Badoni, निदेशक, PLANTICA द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। वहीं, Vandana Petwal, वैज्ञानिक अधिकारी एवं सेंटर हेड, PLANTICA ने विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया।

सत्रों के दौरान मृदा की गुणवत्ता जांच, मशरूम उत्पादन की आधुनिक विधियां, जैविक खेती के सिद्धांत एवं फूड प्रोसेसिंग के व्यावसायिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विषय में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे सीखे गए कौशल को सीधे व्यवहार में लागू कर सकें।

कार्यक्रम के सफल शुभारंभ पर प्रतिभागियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं रोजगारपरक बताया। PLANTICA द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है, जिससे युवाओं एवं किसानों को सशक्त बनाया जा सके।

यूटी लद्दाख के प्रतिभागियों ने प्लांटिका अकादमी, देहरादून में आयोजित रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिया भाग – 02 मार्च, 2026

देहरादून | दिनांक: 02 मार्च, 2026

PLANTICA – Indian Academy of Rural Development (IARD), देहरादून द्वारा 24 फरवरी से 02 मार्च, 2026 तक सरकारी अधिकारियों के लिए आयोजित रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में Ladakh (यूटी लद्दाख) से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी जानकारी, प्रबंधन कौशल तथा क्षेत्रीय विकास से संबंधित नवीनतम अवधारणाओं से परिचित कराना था, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक पशुपालन प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, उद्यमिता विकास एवं सतत ग्रामीण विकास से संबंधित व्याख्यान, समूह चर्चा एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए Directorate of Department of Sheep Husbandry, UT Ladakh का विशेष सहयोग रहा, जिसके लिए PLANTICA परिवार ने हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के उत्कृष्ट समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए PLANTICA की वैज्ञानिक अधिकारी Vandana Petwal को विशेष धन्यवाद दिया गया।

संस्थान के निदेशक Dr. Anoop Badoni ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रतिभागी अपने क्षेत्र में अर्जित ज्ञान का प्रभावी उपयोग कर स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न- 13 फरवरी 2026

मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

देहरादून, 13 फरवरी 2026: 09 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित “मशरूम उत्पादन एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऋषिकेश, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, प्रबंधन कौशल, उद्यमिता विकास तथा बाजार से जुड़ी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे स्वरोजगार और लघु उद्यम के रूप में मशरूम उत्पादन को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।

इस अवसर पर डॉ. अनूप बडोनी, निदेशक, प्लांटिका; श्री हिमांशु मल्होत्रा, चेयरमैन, स्कोलिक्स फाउंडेशन; सुश्री वंदना पेटवाल, वैज्ञानिक अधिकारी, प्लांटिका; तथा श्रीमती अनीता त्रिवेदी, ईडीआईआई, देहरादून उपस्थित रहीं और प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिए। वक्ताओं ने मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी, उद्यमिता विकास, उत्पाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों से भी अवगत कराया गया, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षणों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

जनपद उत्तरकाशी के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित हुआ एग्री उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम :जनवरी 2026

उत्तरकाशी, जनवरी 2026।
प्लांटिका – इंडियन एकेडमी ऑफ रूरल डेवलपमेंट (IARD) द्वारा जनपद उत्तरकाशी के विभिन्न विद्यालयों में जनवरी 2026 के दौरान एग्री उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि आधारित उद्यमिता के प्रति रुचि उत्पन्न करना तथा उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में इंटरैक्टिव सत्र, व्याख्यान तथा जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, सब्जी उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं कृषि आधारित स्टार्टअप जैसे विषयों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि आधुनिक तकनीकों और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर वे स्वयं का कृषि उद्यम स्थापित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएँ भी साझा कीं। प्लांटिका के विशेषज्ञों ने उन्हें भविष्य में उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों तथा उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी।

प्लांटिका के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को कृषि आधारित आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना है। आने वाले समय में भी जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने प्लांटिका टीम का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार की गतिविधियों को भविष्य में भी जारी रखने की अपेक्षा जताई।

Indian Academy of Rural Development (IARD)